DEAR ALL,आप सबो को पता होगा कि आज के दिनों में पूरी दुनिया मे पानी की समस्या के साथ साथ पानी की दुसित होने की बड़ी परेशानी हो रही है स्वछ पानी की ऐसी परेशानी है कि UN ने यह तक कह है कि आज हर दिन दुनिया भर 6000 बच्चे गंदा/ दूषित पानी पीने से मौत के आगोश में समा जा रहे है । भारत सरकार ने भी इसे गम्भीरता से लेते हुए WASH पोगाम को चालू किया है , लेकिन इस समस्या के अंदर तक जाने की जरूरत है आज FLUORIDE और आर्सेनिक की समस्या क्यों इतना बढ़ गया है , पलामू के कई छेत्रो में ये बड़ी परेशानी का कारण है धनबाद हो चाहे और भी शहर हो कुछ सालों से समस्या बढ़ी है।इसके बारे में साइंटिफिकली सोचना होगा , फूलोरिडे आर्सेनिक इन तत्वो का जन्म अलग अलग रॉक के कारण होता है जो कि जमीन के अंदर अलग अलग संरचनाओं के कारण होता है लेकिन आप ये भी पूछ सकते है पहले तो कई शहरों का पानी ठीक था तो अब उन्ही शहरो में अचानक फूलोरिडे की परेशानी क्यों है , ऐसा नही है कि ये पदार्थ पानी मे अभी ही मिल रहे है और पहले नही था , जल का अति दोहन और संचयन का साइंटिफिक तरीको का इस्तेमाल नही करना और UNSCIENTIFIC तरीको से URBANIZATION और DEFORESTATION ने सेमि कांफिनेड अकाफेर को कांफिनेड या क्लोज्ड अकाफेर में बदल दिया है और सिर्फ दोहन हो रहा है रिचार्ज नही जिसके कारण पानी कम होते जा रहा है और जो फूलोरिडे को पानी से DILUTE करके पीने के पेरमिस्साब